November 2, 2026

छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकास शील से मुलाकात कर आर्थिक शोषण के खिलाफ सौंपा गया मांग पत्र। दीपावली से पूर्व केंद्र के समान देय तिथि जनवरी 2026 से 2% महंगाई भत्ता व 86 माह के एरियर भुगतान सहित पांच सूत्रीय मांग है शामिल।

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रायपुर 29 अक्टूबर 2026 । विगत दिवस ‘एक मांग एक मंच’ अभियान के प्रदेश संयोजक एवं प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष करन सिंह अटेरिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के मुख्य सचिव विकास शील से मुलाकात कर कर्मचारियों के आर्थिक शोषण के खिलाफ ज्ञापन सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र के समान देय तिथि जनवरी 2026 से 2% महंगाई भत्ता (DA) एवं महंगाई राहत (DR) का दीपावली से पूर्व भुगतान करने की पुरजोर मांग की।करन सिंह अटेरिया ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि प्रदेश के नियमित एवं अनियमित कर्मचारियों सहित पेंशनरों के विभिन्न मुद्दों को ‘मोदी की गारंटी’ में शामिल किया गया था। लेकिन सरकार के लगभग तीन साल पूरे होने के उपरांत भी इन्हें लागू नहीं किया गया है, जिससे हर वर्ग के कर्मचारियों का आर्थिक शोषण हो रहा है। इस भीषण महंगाई में सरकार द्वारा अपने ही कर्मचारियों का आर्थिक शोषण करना न्यायसंगत नहीं है।

पांच सूत्रीय ज्ञापन की प्रमुख मांगें – महंगाई भत्ता व एरियर भुगतान, केंद्र के समान देय तिथि (जनवरी 2026) से 2% महंगाई भत्ता व महंगाई राहत का दीपावली पूर्व भुगतान तथा वर्ष 2017 से लंबित लगभग 86 माह का डी.ए. एरियर दिया जाए।कर्मचारियों का नियमितीकरण – संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का अविलंब नियमितीकरण किया जाए। ठेका प्रथा पर रोक – स्वास्थ्य विभाग में जारी ठेका प्रथा को पूरी तरह से बंद किया जाए। पुरानी पेंशन योजना (OPS) – नगरीय निकाय के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। कैशलेस चिकित्सा सुविधा – छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रस्तावित कैशलेस चिकित्सा सुविधा में पेंशनरों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।16 हजार हस्ताक्षरों पर नहीं हुई कार्रवाई- प्रदेश के चार लाख अधिकारियों-कर्मचारियों एवं डेढ़ लाख पेंशनरों से जुड़े इन मुद्दों पर करन सिंह अटेरिया ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देश पर दिसंबर 2025 में वित्त सचिव को 16 हजार अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पेंशनरों की हस्ताक्षरयुक्त सूची सौंपी गई थी। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में भारी हताशा और निराशा है।मुख्य सचिव ने ज्ञापन का ध्यानपूर्वक अवलोकन करने के बाद इन मांगों पर शीघ्र विचार करने का आश्वासन दिया है।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे उपस्थित -इस अवसर पर ‘एक मांग एक मंच’ अभियान के प्रदेश सचिव एवं प्रदेश कोषालय कर्मचारी संघ के पूर्व प्रांताध्यक्ष जितेंद्र सिंह ठाकुर, अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक गोपाल प्रसाद साहू, पेंशनधारी कल्याण संघ से युनुस कुर्रेशी, छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज शासकीय वाहन चालक कर्मचारी संघ के प्रांतीय संयोजक बालकिशन साहू, प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रांतीय सचिव अजय खांडेकर, छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय कर्मचारी संघ के पूर्व महामंत्री सुजान बिंद तथा मंत्रालय कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष महेन्द्र सिंह राजपूत आदि अधिकारी कर्मचारी एवं पैंशनर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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