January 22, 2026

जिले में खुलेआम खाद की कालाबाज़ारी, प्रशासन मौन किसानों ने प्रशासन से उचित दाम में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।

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सारंगढ़-बिलाईगढ़ / सिद्धार्थ न्यूज/ नीलकांत खटकर । जिले में खाद की कालाबाज़ारी थमने का नाम नहीं ले रही है। जहाँ यूरिया खाद की निर्धारित कीमत ₹266.50 प्रति बोरी है, वहीं खुले बाजार में यह ₹1000/ तक में बेची जा रही है। किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर व्यापारी खुलेआम लूट मचा रहे हैं और प्रशासन मौन बना हुआ है। किसानों का कहना है कि यदि वे शिकायत करेंगे तो उन्हें समय पर खाद नहीं मिलेगा और उनकी फसल चौपट हो जाएगी। मजबूरी में वे कालाबाज़ारी करने वालों को मनमानी कीमत चुकाने को विवश हैं। खाद वितरण केंद्रों पर भी नियमों की धज्जियाँ उड़ रही हैं। आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट की अनिवार्य प्रक्रिया को दरकिनार कर मनचाहे दामों पर खाद बेचा जा रहा है।

कानूनी पहलू: खाद की कालाबाज़ारी और ओवररेटिंग सीधा उल्लंघन है:- आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Essential Commodities Act, 1955), धारा 3 व 7 जिसके तहत शासन को अधिकार है कि वह खाद की अधिकतम खुदरा कीमत तय करे। इस अधिनियम के तहत कालाबाज़ारी, जमाखोरी और निर्धारित मूल्य से अधिक पर बिक्री संज्ञेय अपराध है। दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 (Fertilizer Control Order, 1985) जिसके अनुसार कोई भी विक्रेता खाद को निर्धारित मूल्य से अधिक पर नहीं बेच सकता। दुकानदार का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और उस पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। भारतीय दंड संहिता (IPC), धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) किसानों को धोखा देकर अधिक मूल्य वसूलना धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है।

किसानों की मांग:- ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से सवाल किया है कि जब खुलेआम कालाबाज़ारी हो रही है तो कृषि विभाग और आपूर्ति विभाग के अधिकारी अचानक निरीक्षण क्यों नहीं करते? यदि अधिकारी दुकानों पर छापा मारें और किसानों से वास्तविक मूल्य की जानकारी लें तो तुरंत हकीकत सामने आ जाएगी। किसानों ने मांग की है कि जिला प्रशासन तत्काल संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों को सक्रिय करे तथा दोषी व्यापारियों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि आगामी फसल सीजन में किसानों को समय पर और उचित दाम पर खाद उपलब्ध हो सके।

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