छत्तीसगढ़ प्रवासी मजदूरों का महाराष्ट्र में बंधक बनाकर काम कराया। मानव तस्करी के मामले में पीड़ित परिजनों ने LSU/GSS को दी जानकारी। एजेंट ने बहला-फुसलाकर मजदूरों को फंसाया। हजारों रुपए में बेचा। बुरी तरह से मारपीट की।

।। सिद्धार्थ न्यूज से नीलकांत खटकर।।

बिलासपुर 10 अक्टूबर 2025 । लोक सिरजनहार यूनियन (LSU) एवं “गुरुघासीदास सेवादार संघ” (GSS) के प्रमुख लखन सुबोध को पिछले दिनों ग्राम केसला, ब्लॉक-थाना बिल्हा जिला बिलासपुर के पंचबाई महिलागे ने GSS/LSU ऑफिस में आकर उनके परिजनों के साथ हुई जुल्मों ज्यादती की जानकारी दी। इस जानकारी के आधार पर LSU ने प्रशासनिक कार्यवाही के लिए एक टीम महाराष्ट्र भेजे और त्वरित कार्यवाही के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही की। पंचबाई एवं बंधुवा मजदूरों ने बताया कि वह भूमिहीन दलित पीड़ित परिवार से है। उनके पुत्र एवं अन्य लोग काम की तलाश में थे।इसी बीच कल्याण मुंबई में निर्माण काम में लगे एक छत्तीसगढ़ी प्रवासी मजदूर ने बताया कि, कल्याण में काम पर आ जायें। इस पर बालिग- नाबालिक 8 व्यक्ति अपने खर्च पर वहां चले गए।वहां पर करीब दो माह काम किए लेकिन मजदूरों को मजदूरी रकम नहीं दी। वे कर्जकर गाड़ी खर्चा से कल्याण- मुंबई पहुंचे थे। उन्होंने निर्माण कार्य करा रहे मालिक ठेकेदार से पूरी मजदूरी देने की बात कही। इस पर मालिक-ठेकेदार ने गाली-गलौज कर धमकाकर काम लेने लगे। जिस व्यक्ति ने काम होने की सूचना देकर बुलाया था, उन्हें भी अब मजदूरी नहीं देकर सिर्फ जिंदा रहने लायक मामूली खर्च दी जा रही थी इस पर मजदूरों ने मजदूरी पाने के लिए पुलिस थाना जाकर शिकायत की वहां से भी उन्हें भगा दिया गया।ऐसे में सभी मजदूर रात के अंधेरे में कल्याण मुंबई से निकलकर पुणे आ गए। पुणे स्टेशन में इनकी हालत देखकर एक ठगनुमा आदमी मजदूरों से हाल-चाल जाना। दरअसल वह एक ऐसे ही गिरोह का एजेंट था जो मजदूरों को चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाता है।एजेंट ने मजदूरों को कहा कि, वह कल्याण मुंबई में काम किया है मजदूरी भी दिलवाएगा और यहां (पुणे) में भी बढ़िया नया काम दिलवा देगा। ऐसा कहकर वह आठों मजदूरों को एक स्कॉर्पियो में बैठाकर करीब तीन-चार सौ किलोमीटर करीब 5 से 6 घंटे समय पर स्थल में ले गया। वह एक कृषि फार्म हाउस था।वहां वह एक फार्म हाउस मालिक ठेकेदार को सौंप दिया और मजदूरों को सौंपने/बेचने के बदले करीब प्रति मजदूर 10000 रूपये के हिसाब से 8 मजदूरों का 80 हजार रुपए फॉर्म-मलिक/ठेकेदार से लेकर चला गया। (यह राशि का विवरण बाद में ठेकेदार मालिक ने मजदूरों को मारपीट करते हुए बताया था।फॉर्म में सोयाबीन कटाई मिंजाई काम करने के लिए मजदूरो को कहा गया। मजदूरों ने यह काम नहीं करने कहा तो मालिक-ठेकेदार व उनके गुंडो ने सभी मजदूरों से बुरी तरह मारपीट की।मोबाइल छीन लिया गया और एजेंट से उन्हें खरीद लेने की बात कही। वहां पर मजदूर किसी तरह मार खाते-काम करते एक माह गुजारे और एक रात को अंधेरे में सभी लोग भाग निकले।भागते हुए आठों में से कुछ लोग इधर-उधर बिछड़ भी गए। अभी पांच लोग अपने गृह ग्राम पहुंचे हैं। LSU इन सभी तथ्यों के आधार पर मानव तस्करी का मामला पुलिस में रिपोर्ट करने एवं दोषियों-गिरोह के लोगों को सख्त सजा दिलाने एवं पीड़ित मजदूरों को मजदूरी-मुआवजा प्रदान करने के लिए कार्यवाही को आगे बढ़ा रहा है। इस आशय की जानकारी कार्यालय के LSU महासचिव वीरेंद्र भारद्वाज ने दी।


संपादक सिद्धार्थ न्यूज़

