सरसीवां के प्रस्तावित शासकीय महाविद्यालय को धोबनी स्थानांतरण के विरोध में हजारों लोगों ने दिया धरना।सरसींवा में शासकीय महाविद्यालय को लेकर राजीनीति गरमाई।
।। सिद्धार्थ न्यूज से नीलकांत खटकर।।
सारंगढ बिलाईगढ़ / सरसीवां 08 दिसम्बर 2025। सरसीवा में स्थापित होने वाले शासकीय महाविद्यालय को सुदूर ग्रामीण क्षेत्र धोबनी में स्थानांतरित करने के खिलाफ आज क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतर आई। 8 दिसम्बर को सरसीवा नगर के हृदयस्थल बस स्टैंड परिसर में आयोजित एक दिवसीय विशाल सर्वदलीय धरना प्रदर्शन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, सामाजिक संगठन, युवा वर्ग, अभिभावक एवं हजारों की संख्या में नागरिक एक स्वर में एकत्रित हुए। यह वह क्षण था जब पहली बार सरसीवा में सभी दल एक मंच पर आकर युवाओं के शिक्षा व क्षेत्रीय विकास के लिए एकजुट हुए। गौरतलब है कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में सरसीवा में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने संबंधी संपूर्ण प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी थी। जिसमे स्थान चयन व भू-चिह्नांकन विभागीय अनुशंसा फ़ाइल की मंत्रालय स्तर पर प्रगति सभी चरण समाप्त हो चुके थे। केवल अंतिम बजट स्वीकृति शेष थी। इसके बावजूद वर्तमान में कुछ निजी स्वार्थगत व्यक्तियों के कूटनीति के चलते महाविद्यालय को सरसीवा से हटाकर धोबनी जैसे दूरस्थ गांव जहाँ उचित सड़क, परिवहन, बस-सुविधाएँ तक उपलब्ध नहीं – में स्थानांतरित करने की पहल शुरू हो गई, जिससे क्षेत्र की जनता में गहरा आक्रोश है।
महाविद्यालय को सरसीवां में स्थापना करने की मांग को लेकर धरना स्थल पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। युवाओं ने शिक्षा बचाओ के नारे लगाए । जहाँ अभिभावकों ने कहा कि कॉलेज को दूर ले जाना गरीब-बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है। बड़े घरों के बच्चे आज उच्च शिक्षा प्राप्त करने बड़े शहरों में चले जाते है जहाँ शिक्षा के लिए गरीब परिवार के बच्चो को भुगतना पड़ता है । जनप्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से कहा कि सरसीवा के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं होगा ।उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति बाहुल्य यह क्षेत्र सरसींवा द्वेषपूर्ण राजनीति के चलते उपेक्षित और विकास से कोषों दूर रहा है । यहाँ के कुछ निजी स्वार्थगत राजनैतिक तत्वों ने हमेशा इस क्षेत्र के विकास में विराम लगाने की कोशिशें की है। सरसींवा क्षेत्र की आम जनता एवं सर्वदलीय जनप्रतिनिधियों की एक ही मांग है कि शासकीय महाविद्यालय सरसीवा में ही खोला जाए, किसी भी स्थिति में धोबनी स्थानांतरण स्वीकार नहीं होगा ।

संपादक सिद्धार्थ न्यूज़

