January 22, 2026

भाजपा सरकार सोनाखान में पारदर्शी लाएं: सोनाखान में हजारों टन सोना है इसे सार्वजनिक करें व कम न आंके – बसपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम टंडन।

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।। सिद्धार्थ न्यूज से नीलकांत खटकर।।

रायपुर 13 जनवरी 2026 । बहुजन समाज पार्टी के छ ग़ प्रदेश अध्यक्ष श्याम टंडन ने सोना खान में किए जा रहे खनन कार्य पर पारदर्शी लाने और राज्य की जनता के सामने सोने की मात्रा का सही आकलन करते हुए इसे सार्वजनिक करने व वनांचल के स्थानीय युवाओं को रोजगार मुहैया कराने की मांग की है। श्री टंडन ने वेदांता ग्रुप द्वारा किए जा रहे खनन कार्य पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा इस कार्य में मनमानी न करें और सोने की मात्रा का कम आंकलन कर जनता को अंधेरा में नहीं रखना चाहिए। बसपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम टंडन ने कहा कि यदि सरकार खनन में पारदर्शी लाए तो निश्चित ही यह परियोजना स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी साथ ही आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार लाई जा सकती है।इस परियोजना से सरकार सैकड़ों स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया कराए तभी सोनाखान के लोगों को उनका हक अधिकार मिल सकेगा । श्याम टंडन ने आगे कहा कि सोनाखान का ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि यह महापुरुष शहीद वीर नारायण सिंह का जन्मस्थान है इनके जन्म स्थान का अपमान नहीं होनी चाहिए। सोनाखान के हर जरूरतमंद को काम मिलना चाहिए, रोजगार मिलना चाहिए। बसपा अध्यक्ष टंडन ने भाजपा सरकार से खनन कार्य में पारदर्शिता लाते हुए सोने का आकलन सार्वजनिक करने व वनांचल क्षेत्र के लोगों को रोजगार सुनिश्चित कराने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि सोनाखान में सोना खनन, बलौदाबाजार जिले में छत्तीसगढ़ की पहली गोल्ड माइन में शुरू हो गया है। वेदांता ग्रुप ने नीलामी जीती है और आधुनिक तकनीक का उपयोग करके ड्रिलिंग और खुदाई कर रहा है। सरकार और वेदांता ग्रुप के अनुसार जिससे लगभग 500 किलोग्राम सोना निकलने की संभावना है।सोना खनन का काम आधिकारिक शुरुआत बाघमारा क्षेत्र में नवंबर 2025 में शुरू हुआ है। वेदांता ग्रुप ने नीलामी में सबसे ऊंची बोली लगाकर खनन का अधिकार प्राप्त किया है। ग्रुप ने आधुनिक मशीनरी और तकनीक का उपयोग करके ड्रिलिंग और खुदाई की जा रही है ताकि सोने की गुणवत्ता और मात्रा का पता लगाया जा सके। ब्रिटिश शासन के दौरान भी यहां सोने के भंडार की चर्चा थी, लेकिन तब तकनीकी सीमाओं के कारण खनन संभव नहीं हो सका था।

 

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