युगपुरुष की वैश्विक गूँज डिजिटल दुनिया ने रचा बाबासाहेब की लोकप्रियता का नया इतिहास।
सोशल एक्टिविस्ट तरुण खटकर की कलम से
नई दिल्ली/छत्तीसगढ़ – आज 14 अप्रैल 2026 की तारीख इतिहास के पन्नों में केवल संविधान शिल्पकार भारत रत्न बाबा साहेब के जयंती के रूप में नहीं, बल्कि ‘वैश्विक चेतना दिवस’ के रूप में दर्ज हो रही है।
भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती पर आज सोशल मीडिया का कोना-कोना उनके विचारों की रौशनी से जगमगा उठा है।
आज सुबह से ही सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स—X (Twitter), इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब वाट्स एप—पर पोस्ट्स की ऐसी बाढ़ आई है जिसने पिछले सारे डिजिटल रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया है।
#AmbedkarJayanti 2026 न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर टॉप ट्रेंड बना हुआ है।
करोड़ों की संख्या में आम नागरिकों, युवाओं और सोशल एक्टिविस्ट्स की सक्रियता यह प्रमाणित कर रही है कि बाबासाहेब आज के दौर के सबसे बड़े ग्लोबल आइकन बन चुके हैं।

सत्ता से विपक्ष तक सड़क से सदन तक, सिनेमा से खेल जगत तक आम आदमी से खास आदमी तक शहर से लेकर गांव तक देश से लेकर सात समंदर पार तक
आज का दिन एक अद्भुत एकजुटता का गवाह बना है।
देश की महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों सभी राजनीतिक दलों के नेता कार्यकर्ताओ तमाम सामाजिक कार्यकर्ता ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उन्हें नमन किया है। मीडिया जगत, खेल के मैदान के नायक, फिल्मी हस्तियाँ और साहित्य और व्यापार की दुनिया के दिग्गजों ने अपनी पोस्ट्स के जरिए यह स्वीकार किया है कि एक आधुनिक और न्यायपूर्ण भारत का निर्माण बाबासाहेब के बिना असंभव था।
दुनिया के 100 से अधिक देशों में आज उत्सव का माहौल है। कोलंबिया विश्वविद्यालय से लेकर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स तक, जहाँ बाबासाहेब ने कभी ज्ञान अर्जित किया था, आज वहाँ उनकी विद्वता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर चर्चा हो रही है। यह उनकी लोकप्रियता का ही चमत्कार है कि आज वे सीमाओं से परे, पूरी मानवता के लिए ‘मुक्तिदाता’ बन चुके हैं।

संपादक सिद्धार्थ न्यूज़
