शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिए लगेगा शिविर, दशहरा अवकाश के बाद बिलाईगढ़, भटगांव और सरसीवां में होगा आयोजन।
बिलाईगढ़ 15 अक्टूबर 2026। शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण तथा विभागीय कार्यों को सुगम बनाने के उद्देश्य से शिक्षक साझा मंच बिलाईगढ़ और विकासखंड शिक्षा अधिकारी सत्यनारायण साहू के मध्य ब्लॉक स्रोत केंद्र कार्यालय बिलाईगढ़ में विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षकों की सेवा पुस्तिका के संधारण, पेंशन संबंधी अभिलेखों, अवकाश, अनुकंपा नियुक्ति, लंबित देयकों तथा शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं पर चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में निर्णय लिया गया कि शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में होने वाली त्रुटियों एवं कमियों को दूर करने के लिए दशहरा अवकाश के बाद बिलाईगढ़, भटगांव और सरसीवां में तीन अलग-अलग स्थानों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में शिक्षक अपनी सेवा पुस्तिका का स्वयं अवलोकन करेंगे तथा उसमें पाई जाने वाली कमियों को संबंधित अधिकारियों और संगठन के सहयोग से दूर कराएंगे। इसका उद्देश्य शिक्षकों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने और अनावश्यक परेशानियों से बचाना है।बैठक में शिक्षकों को एनपीएस और ओपीएस से संबंधित अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण की सलाह दी गई। इसके लिए दो अलग-अलग पासबुक रखने की बात कही गई, ताकि संविलियन से पूर्व और संविलियन के बाद की राशि का विवरण व्यवस्थित रूप से दर्ज किया जा सके। बैठक में कहा गया कि भविष्य में सेवानिवृत्ति के समय इन अभिलेखों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।ग्रीष्मकालीन जनगणना कार्य का मिलेगा लाभ शिक्षा सत्र 2026-27 में जिन शिक्षकों ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान जनगणना का कार्य किया है, उनके सेवा अभिलेखों में नियमानुसार अर्जित अवकाश के संधारण की कार्रवाई की जाएगी। इससे संबंधित शिक्षकों को नियमानुसार अवकाश का लाभ मिल सकेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सेवानिवृत्त एवं दिवंगत शिक्षकों के लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे। दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दिलाने तथा उनके लंबित देयकों का भुगतान कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इन प्रकरणों की निगरानी शिक्षक साझा मंच द्वारा भी की जाएगी।ऑनलाइन अवकाश और विभागीय आवेदनों पर चर्चा शिक्षकों के सभी प्रकार के अवकाश ऑनलाइन दर्ज कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि वीएसके ऐप में अवकाश पर रहने वाले शिक्षकों की अनुपस्थिति दर्ज होने जैसी समस्याओं से बचा जा सके।इसके अलावा, जो शिक्षक अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने अथवा विभागीय प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए आवेदन प्रस्तुत करना चाहते हैं, उन्हें आवेदन जमा करने के लिए जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे आवेदन विकासखंड मुख्यालय में जमा किए जा सकेंगे। इसके बाद संगठन के माध्यम से उन्हें जिला स्तर तक पहुंचाने और आगे की कार्रवाई कराने में सहयोग किया जाएगा। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए कलेक्टर से करेंगे मुलाकात – विभिन्न विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। इस समस्या के समाधान के लिए शिक्षक साझा मंच द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कर जिला कलेक्टर से शीघ्र मुलाकात करने का निर्णय लिया गया।प्रस्ताव में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) के माध्यम से शिक्षकविहीन एवं शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालयों में अस्थायी रूप से शिक्षकों की नियुक्ति करने तथा उनके मानदेय की व्यवस्था डीएमएफ मद से करने की मांग की जाएगी। संगठन का मानना है कि इस पहल से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। बैठक में ये रहे उपस्थित- विकासखंड शिक्षा अधिकारी सत्यनारायण साहू, कामता प्रसाद साहू, यादराम हिरवानी, नरेंद्र कुमार साहू, मनीष कुमार डडसेना, बृजभान सिंह जगत, मनीराम यादव, बुधनी अजय, फदेंद्र सिंह नेताम, अरविंद कुमार चौधरी, मोतीलाल टंडन, दरस राम राजेत्री, स्नेहलता ठाकुर, पुरंदर सिंह दीक्षित सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

संपादक सिद्धार्थ न्यूज़
