January 22, 2026

सरसीवां–सरायपाली मार्ग पर उड़ती धूल से लोग परेशान। दमा व श्वास रोगियों की संख्या बढ़ी।

IMG-20251222-WA0003

।। सिद्धार्थ न्यूज़ से नीलकांत खटकर।।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ /सरसीवां 22 दिसम्बर 2025। सरसीवां-सरायपाली मुख्य मार्ग अत्यंत जर्जर हो चुका है। पिछले दिनों बरसात के समय सड़क के गड्ढों को मिट्टी डस्ट से पाटने की वजह से बरसात के बाद अब धूल के गुब्बार बनकर राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। उड़ती धूल भरी इस आंधी से अब लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन रहा है। सड़क पर पानी का नियमित छिड़काव न होने एवं मरम्मत के अभाव में सड़क की हालात इतनी खराब हो चुकी है कि राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास के ग्रामीणों को सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है। बडे वाहनों के गुजरने के बाद मोटरसाइकिल चालकों को गाड़ी चलाना भी मुश्किल हो जाता है। सागरपाली के पास भंवरपुर चौक से लेकर डीपापारा तक एवं माता नाला से लेकर सरसींवा तक सड़क काफी जर्जर हो चुकी है जिसके चलते आसपास के लोगों का जीना दुभर हो गया है। सड़क किनारे उड़ते धूल के गुब्बार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क पर वाहन गुजरने के कुछ समय बाद तक सड़क के आसपास धूल का कोहरा छा जाता है। जिससे कुछ समय तक कुछ भी दिखाई नहीं पड़ता जिसके कारण से दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। धूल के गुबार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क किनारे के घरों और आसपास के पेड़ पौधों पर धूल की परत जम चुकी है।

ग्रामीणों का कहना है कि दिनभर उड़ रही धूल घरों में जम रही है तथा खाने-पीने के सामानों में भी धूल जमने से सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है। पिछले दिनों सरायपाली से माता नाला तक मरम्मत किया गया था मगर सागरपाली के पास जो हिस्सा ज्यादा खराब हुई थी उसी हिस्से को छोड़ दिया गया। इस मार्ग के नए सिरे से मरम्मत की आवश्यकता है मगर शासन प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया रहा रहा। लोगों ने शासन से तत्काल सड़क मरम्मत करने एवं नियमित पानी छिड़काव और डामरीकरण की मांग की है ताकि इस धूल की बीमारी से राहत मिल सके। चिकित्सकों के अनुसार बीते कुछ महीनों में श्वास संबंधी रोग, दमा, खांसी और आंखों में जलन की शिकायतों में तेज़ी से वृद्धि हुई है। सबसे अधिक असर बुजुर्गों, बच्चों और दमा रोगियों पर देखा जा रहा है। धूल से बचने के कारण से आसपास के लोग सड़क पर पानी का छिड़काव कर रहे हैं।

Recent posts