May 21, 2026

पति की प्रताड़ना से त्रस्त महिला 6 बच्चो को लेकर 1993 में दिल्ली गई,33 साल बाद मायका ससुराल पहुंची तो कोई दुत्कारा तो कोई दुलारा।

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लाल घेरे में रमा,उनके पति विशंभर और उनकी बड़ी बेटी सीमा।

सारंगढ़ बिलाईगढ़/ भटगांव 18 मई 2026। रमा उर्फ रंभा पति विशंभर कुर्रे ससुराल सलखन (खरौद) ,जिला जांजगीर और मायका भटगांव (बिलाईगढ़),जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ उम्र 61 साल जो कि पति की प्रताड़ना से त्रस्त होकर अपने छोटे छोटे 6 बच्चों को लेकर सन 1993 में दिल्ली भाग गई थी। कोई चिट्ठी न पत्रिका मायका,ससुराल वालों को लगा रंभा और उसके बच्चे किसी अनहोनी घटना के शिकार हो गए होंगे। दोनों पक्ष यह मान लिए थे कि रमा अब कभी लौट कर नहीं आएगी। बीते दिनों रमा ने 33 साल बाद मायका वापस लौटी तो सब कुछ बदल गया था। मायका में माता पिता चल बसे हैं घर का पता भी बदल चुका था पुराने घर नहीं दिखा तो रिश्तेदारों के यहां गई कइयों ने पहचानने से इंकार किया तो कइयों ने गले लगाया।अपनों को पाकर रमा खुश हुई तो माता पिता को सामने न पाकर दुखी भी हुई लेकिन अपनी बहनों की स्नेह,भतीजा पार्षद मनोहर टंडन का साथ पाकर अच्छा लगा। 33 साल बाद लौटी रमा ने बताया कि उसका पति विशंभर शराब पीकर काफी मारता पीटता था वह जुआ, सट्टे का आदि था। जब प्रताड़ना उसके साथ ज्यादती हुई तो वे मायका और ससुराल वालों को बिना बताए 6 बच्चों को लेकर दिल्ली चली गई। रमा को डर था कि यदि वे किसी को उसके ठिकाना का पता चल जाएगा तो उसका पति विशंभर वहां भी पहुंचकर मारपीट करेगा इसी डर से वह मायका में भी उसने पता नहीं बताया और अकेले ही अपने 6 बच्चों का पालन पोषण कर काबिल बना दिया। एक गांव की महिला दिल्ली की सुनसान सड़कों पर अपने बच्चों के साथ कई सालों खुले आसमान में रात कैसे काटी होगी उसके दर्द को वह ही बयां कर सकती हैं,दिल्ली के घरों में झाड़ू पोछा लगाती, खेतों में रोजी मजदूरी किया करती, अस्पतालों में आया का काम किया है ।बच्चे अब बढ़ गए पढ़ लिखकर सभी अपने पैरों में खड़े होकर काबिल बन गए।

रमा का विवाह इनके पिता ने सन 1979 में कम उम्र में ही कर दिया था वे 8 वीं तक पढ़ी हैं आगे पढ़ाई करके बड़ा अफसर बनना चाहती थी लेकिन पिता के शादी करने की जिद के सामने उसकी एक भी न चली और लड़का कोल माइंस में कार्यरत होने के कारण इनकी शादी जबरदस्ती कर दी गई । शादी के बाद से ही उसके पति रमा पर कहर बरपाना शुरू कर दिया था। जब ज्यादती हुई तो वहां से जाना ही उचित समझी । ये जब अपने ससुराल सलखन गई तो वहां की कहानी भी बदल चुकी थी उसके पति विशंभर का SECL चिरमिरी से सन 2018 में सेवानिवृत हो गए थे। उनके देवर तेरस कुर्रे पामगढ़ वाले ने बताया कि उसके पति विशंभर का संदेहास्पद रूप से पेंड्रा रोड में मर्डर हो चुकी है इस खबर से रमा काफी दुखी हुई। उन्हें जानकारी मिली कि उसके पति ने बिहार की एक महिला को रखैल के तौर पर रखा था जो बिलासपुर के सकरी में स्थित एक कॉलोनी में निवासरत हैं और बीमार हालत में है इस महिला के पूर्व पति से एक लड़की भी है जो वह भी बीमार है। बताया जा रहा है इनके पति की सभी संपत्तियों पर कुछ असामाजिक तत्वों की नजर लग गई है। रमा को कोई लालच नहीं है लेकिन नियम के तहत अपने पति के संपत्तियों (स्वतत्वों) पर उसकी पहली पत्नी होने के नाते रमा और बच्चों को हक पाने का पूरा अधिकार जिसे कोई भी नहीं छीन सकता हालांकि इन सब के लिए कई दफ्तरों में हलफनामा देकर न्याय के लिए लड़ना पड़ेगा। इनके रिश्ते नाते भी रमा को सलाह दे रहे हैं कि वे 33 सालों तक अकेले ही संघर्ष किया अब अंतिम पड़ाव में अपने लिए नहीं तो कम से कम अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपने पति की संपत्तियां पर दावा करना चाहिए ताकि बची हुई संपत्तियां गलत हाथों में न चली जाएं।