November 2, 2026

12 टन की सड़क पर 52 टन का डंपर, फ्लाई एश लेकर रोज गुजर रहे भारी वाहन, ग्रामीण बोले पूरी तरह रोक लगे।

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सारंगढ़ बिलाईगढ़ 24 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर फ्लाई एश से लदे भारी वाहनों के चलने से ग्रामीण परेशान हैं। उनका कहना है कि अदानी पावर प्लांट से राख भरकर ये गाड़ियां हरदी होते हुए घोटला छोटे और साराडीह बैराज की तरफ रोज जाती हैं, पर इन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि राख को घोटला छोटे के आसपास के इलाके में डाला जा रहा है।जानकारी के मुताबिक अदानी पावर लिमिटेड, रायगढ़ के वेब्रिज का एक चालान है। इसमें 14 सितंबर 2026 की तारीख है और डंपर का नंबर CG13BL6300 लिखा है। माल फ्लाई एश दर्ज है और ट्रांसपोर्टर का नाम M/S जय श्री श्याम है। उतारने की जगह “Ghathula Chhote” लिखी है। चालान में गाड़ी का खाली वजन 16 हजार 120 किलो और माल समेत कुल वजन 52 हजार 300 किलो है। माल का वजन 36 हजार 180 किलो बताया गया है। यानी लदी गाड़ी करीब 52 टन की थी।

इस सड़क की क्षमता कितनी है, यह बीते 15 जुलाई को विधानसभा में भी उठा था। लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा था कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़कें करीब 12 टन वजन के हिसाब से बनती हैं, जबकि इन पर 50 टन तक की गाड़ियां चल रही हैं। मंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि सुझाव अच्छा है और इसे कैबिनेट में रखा जाएगा। अभी तक इसका कोई नया आदेश नहीं आया है।

ग्रामीणों का कहना है कि हरदी बाजार चौक और भेड़वन मोड़ के पास से रोज काफी लोग आते-जाते हैं और स्कूली बच्चे भी यहीं से निकलते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले सारंगढ़ के गढ़चौक के पास फ्लाई एश से भरी गाड़ी ने एक युवक की जान ले ली थी। उन्हें डर है कि ऐसा हादसा यहां भी हो सकता है।ग्रामीण सिर्फ स्कूल के समय रोक लगाने की बात से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि सड़क दिन में भी उतनी ही कमजोर है जितनी रात में, इसलिए भारी गाड़ियों पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए।उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जिले में कलेक्टर के आदेश से डबल केज व्हील वाले कोवाहन सड़कों पर नहीं चल सकते, क्योंकि इनसे सड़क खराब होती है।आदेश कोई नया नहीं है केज व्हील लगी वाहनों पर प्रतिबंध पहले से ही लगाई गई है ग्रामीणों का सवाल है कि जब केज व्हील पर रोक है, तो इससे कई गुना भारी गाड़ियां किसकी अनुमति से चल रही हैं। अगर कोई अनुमति दी गई है, तो उसे सबके सामने रखा जाए। ग्रामीणों की मांग है कि इस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो, इन्हें किसी मजबूत सड़क से भेजा जाए, ओवरलोड गाड़ियों की तौल कराकर कार्रवाई हो और सड़क पर वजन सीमा के बोर्ड लगें।इस मामले में जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, अदानी पावर और ट्रांसपोर्टर से पक्ष जानने की कोशिश की जा रही है। फ़्लाइएश भरी भारी क्षमता वाली वाहनों पर ब्रेक अभी नहीं लग पाया है ।बहरहाल देखना लाजमी होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मसले पर कितनी सजगता दिखाती है ।

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