कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों के मुद्दे शामिल न होने से आक्रोश, 7 लाख अधिकारी-कर्मचारी और पेंशनभोगी करेंगे आंदोलन की तैयारी।
रायपुर 30 सितंबर 2026 । राज्य सरकार की आज आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के करीब सात लाख अधिकारी-कर्मचारी और पेंशनरों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा न होने से कर्मचारी वर्ग में भारी निराशा और आक्रोश की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उम्मीद लगाए बैठे राज्य के कर्मचारियों ने सरकार के इस रवैये पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है।कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी, एरियर के भुगतान, प्रस्तावित कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने और पदोन्नति जैसी प्रमुख मांगों को कैबिनेट के एजेंडे में शामिल किए जाने की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, आज की बैठक में इन मुद्दों पर कोई निर्णय न लिए जाने से लाखों परिवारों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
‘एक मांग एक मंच अभियान’ ने दी चेतावनी ‘एक मांग एक मंच अभियान’ के प्रमुख प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार लगातार कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। अभियान से जुड़े नेताओं ने कहा, “कैबिनेट बैठक से प्रदेश का हर कर्मचारी आशान्वित था, लेकिन मांगों की अनदेखी से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार हमारी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है।”आंदोलन की बन रही रणनीति
बैठक के बाद ‘एक मांग एक मंच अभियान’ से जुड़े विभिन्न कर्मचारी एवं पेंशनर संघों ने आपातकालीन बैठकें बुलाई हैं। सूत्रों के अनुसार, यदि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो प्रदेश भर में चरणबद्ध आंदोलन, ज्ञापन सौंपने और कामबंद हड़ताल जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।इस आक्रोश के कारण आने वाले दिनों में सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है, जिससे आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कर्मचारियों के बढ़ते विरोध के बाद सरकार का क्या रुख रहता है।

संपादक सिद्धार्थ न्यूज़
