सरसीवां अंचल में मुसलाधार बारिश से खेत खलिहान हुए तर-बतर। अत्यधिक बारिश से किसान हुए चिंतित, गर्मी से मिली राहत।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ / सरसींवा 04 जुलाई 2026/सरसीवां अंचल में मानसून आते ही पहली आषाढ में मुसलाधार बारिश से खेत खलिहान लबालब हो गए जिधर देखें उधर पानी ही पानी हो गया। किसानों के खेतों में तर-बतर पानी ने चिंता में डाल दिया है। अत्यधिक बारिश होने से खेतों में पानी की धार बह रही है किसान पानी को बाहर निकाल रहें हैं। अंचल में 90 फ़ीसदी किसानों ने खुर्रा धान बुवाई का ली है ऐसे में ज्यादा पानी भी धान खराब होंने का डर रहता है। मूसलाधार बारिश से गर्मी से राहत मिली है लेकिन लोग उमस से परेशान हैं। 15 दिन देरी से आए मानसून के कारण जुलाई के पहले,दूसरे दिन बादल खूब बरसा बारिश इतनी ज्यादा हुई कि दो दिन कि बारिश से तर बतर हो गया। हर साल 16 जून या 17 जून को मानसून आता रहा इस बार 15 दिन बाद आया।
इस साल अल नीनो के कारण किसानों को काफी चिंता सता रही थी और बारिश नहीं होने की संभावना व्यक्त कर रहे थे लेकिन जून का 15 दिन का पानी 2 दिन में ही बरस गया। जब बरसा तो किसानों के चेहरे खिल गए। सरसींवा क्षेत्र में बीते गुरुवार शुक्रवार से दोपहर को पानी गिरना बंद हुआ लेकिन खेतों में अधिक पानी जमा होने पर धान के छोटे-छोटे अंकुर को नुकसान होने का डर किसानों को बना हुआ है और खेतों में ज्यादा पानी जमा होने से धान की फसल खराब होने डर बना है और किसान अपने खेतों से जमा पानी निकासी करने में लगे हुए हैं।। सरसीवां क्षेत्र में लगातार बारिश होने से गांव के तालाब व किसानों के खेतों में पानी लबालब भरे हुए हैं।आपको बतला दें कि ये अलनीनो क्या है – जब प्रशांत महासागर की समुद्री सतह का तापमान सामान्य से काफी अधिक हो जाता है और यह गर्मी दक्षिण से पश्चिम की ओर चलती है तो मानसून कमजोर पड़ जाता है यह घटना वैश्विक स्तर पर मौसम के चक्र को बदल देती है, जिससे दुनिया के कई हिस्सों में सूखा और कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है इसे ही अल नीनो कहा जाता है।

संपादक सिद्धार्थ न्यूज़

