साइबर ठगी से बचाव की जागृति अभियान: साइबर जागृति अभियान के छठवें सप्ताह सरसीवां पुलिस ने 13 से 22 सितंबर तक लगाए जागरूकता शिविर।फर्जी नौकरी, लोन ऐप, ओटीपी और यूपीआई ठगी से बचने के बताए उपाय।
सरसीवां 23 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस के निर्देश पर 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के छठवें सप्ताह में सरसीवां पुलिस ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। 13 से 22 सितंबर के बीच थाना, चौकी, गांव, स्कूल-कॉलेज, हाट-बाजार सहित विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित कर 6 हजार से अधिक लोगों को साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।अभियान के इस चरण में विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के युवाओं और श्रमिकों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग फर्जी नियुक्ति पत्र, लोन ऐप, ओटीपी, क्यूआर कोड, यूपीआई और केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। फर्जी लेटरहेड के जरिए नौकरी का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन फीस मांगी जाती है, जबकि कुछ संदिग्ध लोन ऐप मोबाइल की निजी जानकारी तक पहुंच बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करने का प्रयास करते हैं।
सरसीवां पुलिस ने लोगों को सावधान करते हुए बताया कि पैसा प्राप्त करने के लिए ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड बताने की जरूरत नहीं होती। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। अनजान लिंक या संदिग्ध एपीके फाइल पर क्लिक अथवा डाउनलोड करने से बचें। लोन ऐप को कॉन्टैक्ट, गैलरी जैसी निजी जानकारी की अनावश्यक अनुमति नहीं देने की भी सलाह दी गई।नौकरी का ऑफर मिलने पर संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट अथवा अधिकृत माध्यम से पुष्टि करने की अपील की गई। रोजगार के लिए रोजगार कार्यालय के पोर्टल, कौशल उन्नयन योजनाओं, रोजगार मेलों और श्रम विभाग के अधिकृत शिविरों जैसे सरकारी माध्यमों का उपयोग करने की सलाह भी दी गई।पुलिस ने अपील की कि साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही ठगी से संबंधित लेनदेन के स्क्रीनशॉट, मैसेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें तथा तत्काल संबंधित बैंक को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई कराएं।

संपादक सिद्धार्थ न्यूज़
