बोर्ड परीक्षाएं करीब , लाउडस्पीकर – डी जे की तेज शोरगुल से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित अभिभावकों ने तेज आवाज पर अंकुश लगाने की मांग की।
।। सिद्धार्थ न्यूज से नीलकांत खटकर।।
बिलासपुर / सारंगढ़ बिलाईगढ़ 05 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान शादी-विवाह व अन्य आयोजनों में तेज आवाज में बजने वाले डीजे से छात्रों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। रात के 10 बजे के बाद भी डीजे के शोर के कारण स्टूडेंट्स का ध्यान भटक रहा है और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। तेज आवाज से छात्रों को नींद न आने और ध्यान केंद्रित न कर पाने की शिकायतें आ रही हैं, जिससे परीक्षा परिणाम व भविष्य पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। देर रात तक तेज संगीत के कारण स्थानीय निवासी और छात्र दोनों परेशान हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण पर नाराजगी जताई है और जुर्माने के साथ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत ऐसे उपकरण को जप्त करने का सख्त निर्देश जारी किया है।
कार्यक्रम संचालक और डी जे मालिक कायदा कानून मानने को तैयार ही नहीं होते ये नियमों को ताक में रखते हुए ऊंची आवाज में बाजे बजाते हैं। अक्सर आवाज कम करने को कहने पर बड़ा विवाद हो जाता है। जहां समारोह हो रहा होता है वहां के आसपास के लोगों का ध्यान रखना चाहिए कि उन पर तेज आवाज कितना प्रभावित करती होगी। तेज आवाज से नाराज लोगों का साफ कहना है कि ऐसे समारोह, विवाह भवन शहर,नगर और गांव से बाहर आयोजित किया जाना चाहिए ताकि किसी को कोई परेशानी न हों।
तेज आवाज बुजुर्ग, रोगी व्यक्ति ही नहीं अपितु मवेशी,कुत्ते,बिल्ली,पक्षियों सहित अन्य जीव जंतु पसंद नहीं करते हैं। ये जीव जंतु फ़टाके,डी जे की तेज शोरगुल से दहशत में रहते हैं कई तो तेज आवाज को बर्दाश्त नहीं कर पाते इनके असमय मौत हो जाती है। कुत्ते, बिल्ली, पंक्षियों को पालने वालों ने बताया कि ये जीव तेज आवाज से डरकर यहां वहां जाकर छिपते हैं डर इस कदर की ये खाना पीना छोड़ देते हैं। इधर अभिभावकों ने कहा कि अपने बच्चों को सालभर अच्छे पढ़ाई के लिए भारी भरकम खर्च कर पूरी तैयारी कराते हैं,प्रोत्साहित करते हैं ताकि उनके बच्चे परीक्षा में बेहतर परिणाम ला सकें लेकिन तेज आवाज बच्चों की पढ़ाई में खलल डाल रही है। वहीं लोगों ने कहा कि इसकी शिकायत समीप के थाने में की जाती है लेकिन पुलिस ज्यादा ध्यान नहीं दे पाती कभी कार्यवाही की जाती है तो पुलिस वाले खुद सूचना देने वाले का नाम जाहिर कर देती है जबकि पुलिस को सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखाना होता है।इससे विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती है। अभिभावकों ने ऐसे तेज शोरगुल पर अंकुश लगाते हुए सख्त कार्यवाही करने और नियम विरुद्ध ज्यादा तेज बजाने वाले डी जे मालिक के खिलाफ सामान जप्त करने की कार्यवाही करने की मांग की है।

संपादक सिद्धार्थ न्यूज़

