महारानी लक्ष्मी बाई उ मा वि (स्वामी आत्मानंद) बिलासपुर के NEET परीक्षा केंद्र में ड्रेस कोड को लेकर परीक्षार्थियों और अभिभावक हुए परेशान। परीक्षा केंद्र के बाहर आकाश इंस्टीट्यूट कोचिंग संस्थान के कर्मचारी कर रहे थे अपने संस्था के नाम के प्रिंटेड टी शर्ट का वितरण।

बिलासपुर 03 मई 2026 । राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एन.टी.ए.) द्वारा आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा का आयोजन 03 मई 2026, रविवार को देशभर में परीक्षा केंद संचालित किया जहां विद्यार्थी डॉक्टर बनने का टेस्ट दिए। अधिकांश परीक्षा केंद्रों में पहनावें और कलर को लेकर कोई परेशान नहीं किया वहीं शा महारानी लक्ष्मी बाई उ मा वि में (स्वामी आत्मानंद) बिलासपुर के NEET परीक्षा केंद्र में ड्रेस कोड को लेकर परीक्षार्थीयों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यहां एंट्री गेट में ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी,स्कूल प्रबंधन के कर्मचारियों ने सही ड्रेस पहन कर प्रवेश कर रहें परीक्षार्थियों को रोक कर एक कोचिंग संस्था के सफेद टी शर्ट पहनने का हवाला देते हुए प्रवेश देने से मना कर रहे थे। परीक्षा केंद्र के इस अचानक के नियम बताए जानें से परीक्षार्थी सहम गए थे चूंकि समय कम था ड्रेस कोड के बारे में सबको पता था।परीक्षार्थियों को कैसा कपड़ा पहनना है पता था वे सब सही कपड़े पहन कर आए थे उसके बावजूद कोचिंग सेंटर वालों ने अपने संस्था के प्रचार प्रसार करने के उद्देश्य से टी शर्ट पहनने मजबूर किया।
NEET परीक्षार्थियों और इनके अभिभावकों ने परीक्षा केन्द्र के इस तुगलकी फरमान से नाराजगी जताते हुए इस कृत्य का विरोध किया। लेकिन परीक्षा केंद्र प्रभारी के सख्त निर्देश के चलते सभी परीक्षार्थीयों को अपने रंगीन टी शर्ट हड़बड़ी में चेंज करना पड़ा इससे आधे घंटे के लिए इनका ध्यान भटक गया और ये सफेद टी शर्ट की खोजबीन में इधर उधर भटकते दिखे। रविवार होने के कारण कपड़ा दुकानें बंद थी कुछ दुकानें खुली थी वहां से जल्दबाजी में टी शर्ट खरीदे। वहीं परीक्षा केंद्र के सामने ही आकाश इंस्टीट्यूट के कर्मचारी द्वारा सफेद टी शर्ट जिसमें आकाश इंस्टीट्यूट बिलासपुर लिखा हुआ था जिसे परीक्षार्थियों को वितरण कर रहे थे। जब इसकी जानकारी मिली और पड़ताल की तो शिकायत सही मिली। एंट्री गेट पर रंगीन टी शर्ट पहने परीक्षार्थियों को सफेद टी शर्ट पहनने निर्देश दिए जा रहे थे। कपड़े के लिए परीक्षार्थी,अभिभावक इधर उधर भटक रहे थे।आकाश इंस्टीट्यूट के कर्मचारी अपने कोचिंग संस्थान की प्रिंटेड टी शर्ट वितरण कर रहे थे।इस बेतुके फरमान का अभिभावकों ने कोचिंग संस्था से मिलीभगत कर प्रचार प्रसार करने का आरोप लगाया। जानकारी के मुताबिक यहां करीब 70 परीक्षार्थियों को अपने संस्थान के प्रिंटेड टी शर्ट पहनने विवश किया गया। कई परीक्षार्थियों ने बताया कि वे परीक्षा पूर्व रिवीजन कर रहे थे कपड़े चेंज करने के कारण इनका 15 मिनट खराब हुआ इसके लिए परीक्षा केंद्र प्रभारी और आकाश इंस्टीट्यूट बिलासपुर को जिम्मेदार ठहराया।
ड्रेस कोड के बारे में अन्य परीक्षा केंद्र के परीक्षार्थियों व अभिभावकों से इस बारे में बात की तो मालूम हुआ कि कहीं ऐसी बन्देशी नहीं रही। कलर की कोई बात नहीं हर कलर की टी शर्ट पहने हुए थे कोई अन्य परीक्षा केंद्र में टी शर्ट पहने मजबूर नहीं किया गया। इस संबंध में एंट्री गेट पर तैनात पुलिस कर्मचारी को पूछा तो टालमटोल जवाब देते हुए स्कूल की ओर इशारा किया।वहीं परीक्षा केंद्र प्रभारी डॉ प्रज्ञा गोपाल जो कि विद्यालय की प्रिंसिपल हैं इस पर सवाल किया तो अनभिज्ञता जताते हुए चुप्पी साध ली। इधर एन टी ए द्वारा जारी एडवाइजरी को पढ़े तो कहीं भी नहीं लिखा है कि कौन सा कलर की टी शर्ट पहनना है और कौन सा नहीं पहन कर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना है। जब इस बात पर विरोध किया तो एंट्री गेट के कर्मचारी जबरदस्ती आकाश इंस्टीट्यूट के प्रिंटेड टी शर्ट पहने दबाव बना रहे थे जो कि एकदम से अनुचित कृत्य है।अभिभावकों ने ऐसे ड्यूटीरत कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। एडिटर इन चीफ ने इस समस्या को करीब से देखें। 1 बजकर 25 मिनट में जब दो परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया जो मापदंड के अनुरूप थे उन्हें भी टी शर्ट पहनने को बाध्य कर रहे थे तभी एडिटर इन चीफ नीलकांत खटकर ने समय अभाव का हवाला देते हुए दोनों बच्चों को तत्काल बैठने देने का अनुरोध किया तो उन्हें अन्दर जाने दिया। आज की परीक्षा में आकाश इंस्टीट्यूट के कर्मचारी और एंट्री गेट में तैनात कर्मचारियों के चलते ड्रेस कोड को लेकर 70 परीक्षार्थियों को बेहद परेशानी हुई जो इनके कृत्यों को ये परीक्षार्थी हमेशा याद रखेंगे। जिला प्रशासन को चाहिए कि ऐसे लापरवाह जवाबदेहियों पर कड़ी कार्यवाही हों ताकि आने वाले समय में बच्चों के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ न हों।

संपादक सिद्धार्थ न्यूज़
