July 21, 2026

सरायकाइयां की डाग मदर अनीता देवी अपने घर में घायल पशु, पक्षियों से लेकर कुत्ते और बंदरों का करती हैं उपचार।

FB_IMG_1777560705076

शाहजहांपुर 12 मई 2026 । पशु,पक्षियों को भी उतना ही दर्द होता है, जितना इंसानों को होता है। इस दर्द का एहसास चुनिंदा लोगों को ही होता है। सड़क पर घायल बेजुबानों को देखकर लोग मुंह मोड़ लेते हैं, तो कुछ लोग उनकी सेवा कर इंसानित का फर्ज भी निभाते हैं। शहर के सरायकाइयां मुहल्ला निवासी डाग मदर अनीता देवी भी इनमें से एक हैं। घर में घायल पशु, पक्षियों से लेकर कुत्ते और बंदरों का उपचार करती हैं। वर्तमान में उनके घर में 40 से अधिक कुत्ते, तीन बंदर व कई पक्षियों का उपचार किया जा रहा है।अनीता को बेजुबानों से प्रेम शादी के पहले से ही था, लेकिन बिजनेसमैन पति अनुराग गुप्ता का साथ मिला तो उन्होंने घर में ही आश्रय स्थल भी बना लिया। इस सेवा को विस्तार देने के लिए वह पीपल फार एनिमल्स संस्था से भी जुड़ गईं। इसके बाद जिले में करीब 350 ऐसे लोग जुड़ चुके हैं, जो पशु, पक्षियों के संरक्षण पर काम कर रहे हैं।

हेल्पलाइन नंबर भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कराए हैं, ताकि समय रहते सूचना मिल सके। जरूरत पड़ने पर पशु चिकित्सक को बुलाकर भी घायलों का उपचार कराया जाता है, ताकि घायलों की जान बचाई जा सके। जल्द ही सिंधौली मार्ग पर आश्रय स्थल तैयार हो जाएगा।ज‍िससे वहां इलाज से लेकर पशु पक्षियों को रोकने के ठीक इंतजाम हो सकें। अनीता समय-समय पर ऐसे फोटो इंटरनेट मीडिया पर साझा करती रहती हैं, जिसमें बड़ी संख्या में कुत्ते, बंदर उनके घर में बच्चों के साथ खेलते दिखते हैं।दरअसल अनीता उन तस्वीरों व वीडियो के माध्यम से लोगों को यह संदेश देने का प्रयास करती हैं कि कोई भी बेजुबान किसी पर तब तक हमलावर नहीं होता है, जब तक उसको चोट न पहुंचाई जाए। इस प्रेम की वजह से उन्हें लोग डाग मदर के नाम से बुलाते हैं।

Recent posts