अभिजीत दीपके अमेरिका में अपना जीवन काट रहा था, अपनी पढ़ाई कर रहा था और अपना करियर बनाने की तैयारी में था, लेकिन एक दिन SC के चीफ जस्टिस ने युवाओं को कॉकरोच बोल दिया, और भाई ने cockroach Janta party के नाम का एक इंस्टाग्राम पर प्रोफाइल बना दिया, देखते ही देखते 22 मिलियन लोग उससे जुड़ गए,,,,
ये बंदा मस्त अमेरिका में अपना जीवन काट रहा था, अपनी पढ़ाई कर रहा था और अपना करियर बनाने की तैयारी में था, लेकिन एक दिन SC के चीफ जस्टिस ने युवाओं को कॉकरोच बोल दिया, और भाई ने cockroach Janta party के नाम का एक इंस्टाग्राम पर प्रोफाइल बना दिया, फिर क्या था.. आक्रोशित युवाओं ने उस प्रोफाइल पर जोर का समर्थन दिखा दिया, और देखते ही देखते 22 मिलियन लोग उससे जुड़ गए, और यही एक छोटी सी गलती अभिजीत दीपके भाई को अमेरिका से सीधे भारत के सड़कों पर लाकर बिठा दिया, क्योंकि सर पे अचानक एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी सवार हो गई, 22 मिलियन लोगों और उनके लड़ाई लड़ने की जिम्मेदारी।
भाई ने अपना करियर पर ताला लगाकर, अपने करियर को भारतीय संविधान के भरोसे छोड़कर उन लाखों छात्रों की आवाज बनकर सड़कों पर उतर आया, और पिछले कुछ दिनों में इन्होंने हर उस कठिनाइयों का सामना किया जो शायद वो अपने पूरे जीवन में नहीं फेस करते, उन्हें भीड़ में पीटा गया, उनके ऊपर स्याही फेंकी है, उन्हें पुलिस वालों ने पकड़ के मारा, आँख से आंसू बहे पर हार नहीं माना, जय भीम का नारा और भारतीय संविधान उनका ताकत बना।
दिल्ली के जंतर मंतर पर पहला प्रोटेस्ट करने के बाद भी ना लगे कि आंदोलन सिर्फ एक दिन का तुक्का था, इसलिए देश के कई बड़े शहरों में जा जाकर छात्रों को एकत्रित कर के आंदोलन किया, फिर लगा जैसे आंदोलन अब दम तोड़ चुकी है तो फिर से छात्रों को लेकर जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करने बैठ गया, जिसमें उनका साइंटिस्ट Sonam Wangchuk जी का साथ मिला, शुरुआत में सरकार और उनके सिस्टम ने खूब दबाने का प्रयास किया, लेकिन लगातार डटे रहने के बाद और Sonam Wangchuk के भूख हड़ताल के कारण आंदोलन ने तुल पकड़ लिया, और आज इस आंदोलन ने सरकार की नींद हराम कर रखा है,अभिजीत दीपके के त्याग और संघर्ष को सलाम है।
निर्मला भारती की वाल से।

संपादक सिद्धार्थ न्यूज़

