पेंड्रावन – सरधाभाठा-बालपुर-कोसिर सड़क मार्ग को लेकर ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी। 17 अगस्त से करेंगे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन।


सारंगढ़ बिलाईगढ़/ सरसीवां 07 अगस्त 2026 । पेंड्रावन – सरधाभाठा-बालपुर-कोसिर सड़क मार्ग अत्यंत जर्जर होने से नाराज ग्रामीण अब आंदोलन के मूड में हैं। इस विषय का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया है। ग्राम पंचायत सरधाभाठा के सरपंच विशाल कुमार ने अपने ज्ञापन में बताया कि उक्त मार्ग की दूरी 7 किमी है जिसकी स्वीकृति शासन से आज पर्यंत नहीं मिलने से सैकड़ों गांव के हजारों ग्रामीणों को आवागमन करने में परेशानी हो रही है। लोग इस जर्जर और गड्ढेयुक्त मार्ग में जान जोखिम में डालकर चलने मजबूर हो गए हैं इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्डे एवं बरसात के समय कीचड़ के कारण स्कूली विद्यार्थी, किसान, मरीज एवं आम नागरिकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एम्बुलेंस, स्कूल वाहनो का यहां से नियमित आना जाना होता है,दो पहिया वाहन चालक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं।

सरपंच ने आगे बताया कि आत्मानंद विद्यालय संचालित है जहां 500 से ज्यादा सैकड़ों विद्यार्थी आवागमन करते हैं जिन्हें आने जाने में काफी परेशानी हो रही है। जर्जर स्कूल भवन में बच्चे अध्ययन करने मजबूर हैं। शासन प्रशासन से स्कूल भवन निर्माण के लिए 1 करोड़ 21 लाख रु की स्वीकृति मिली है इसके बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं कराया जाना बेहद चिंतनीय है।मुआवजा वितरण की समस्या के बारे में ग्रामीणों कि मांग है कि पूर्व में स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य के अंतर्गत ठेकेदार द्वारा केवल पुल का निर्माण कर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया था। बाईपास सड़क निर्माण हेतु प्रभावित किसानों की मुआवजा राशि एसडीएम कार्यालय में लंबित है प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा राशि का चेक वितरित कर सड़क निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए। सरपंच और ग्रामीणों ने उक्त मार्ग के सड़क चौड़ीकरण व मजबूतीकरण के लिए राशि स्वीकृति कर तत्काल मार्ग निर्माण प्रारंभ करने,प्रभावित किसानों को चेक जारी करने और शा ऊ मा विद्यालय के स्कूल भवन कार्य प्रारंभ कराए जाने की माँग की है।उपरोक्त सभी मांगों पर यदि 15 अगस्त 2026 तक शासन प्रशासन द्वारा शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जाएगी तो समस्त ग्रामवासी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से 17 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।


संपादक सिद्धार्थ न्यूज़

