घरेलू हिंसा की शिकार महिला नवजात शिशु के साथ भूखी प्यासी रेलवे स्टेशन बिलासपुर में भटकती रही। PMSSM को खबर लगते ही कि मदद।

बिलासपुर 18 मई 2026 । प्रवासी मजदूर संगठनों का संयुक्त मोर्चा ( PMSSM) के संयोजक एवं लोक सिरजनहार यूनियन के (LSU) के अध्यक्ष व गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS) के केंद्रीय संयोजक लखन सुबोध को बीते दिनों PMSSM के घटक संगठन छत्तीसगढ़िया बनिहार संघ ( CBS) के महासचिव रामेश्वर कुर्रे ने फोन पर सूचित किया कि महिला बिलासपुर के रेल्वे स्टेशन में अपने नवजात शिशु को लेकर भटक रही है जिन्हें न्याय,राहत देने में मदद की जरूरत है। महिला की मदद करने LSU महासचिव वीरेंद्र भारद्वाज को रेल्वे स्टेशन भेजा गए। महिला से संपर्क कर GRP पुलिस व सखी सेंटर से सम्पर्क साध कर मदद की । इस पूरे घटना क्रम के बारे में एक शुभ चिंतक प्रवासी मजदूर साथी से जो जानकारी मिली वह बहुत दर्दनाक है।
इसकी पूरी जानकारी लेकर टीम पीड़िता के गांव सक्ति जिले के एक गांव गई। संवेदनशील मामला होने से उनका नाम व गांव का नाम जाहिर नहीं किया जा रहा है। अन्य स्रोतों को खंगाला गया जानकारी मिली कि इनके पिता जो शराबी– बदमाश है । इनका विवाह आज से करीब 6 -7 वर्ष पूर्व एक ऐसे व्यक्ति से कर दिया गया जो शराबी और निकम्मा निकला जिससे इस महिला के 2 बच्चे भी हुए महिला अपने पति के बारे में बताया कि उसका पति शराब पीकर आता और बुरी तरह से पिटाई करता, गाली गलौज करता था,उनके पैर में बिजली तार बांधकर करंट लगाता था जिससे तंगाकर वहां से भागकर आई और अपना इलाज करवाई। मायके में उनके पिता ने आश्रय नहीं दिया तो महिला बेबसी–लाचारी में प्रवासी मजदूर बनकर गुजरात चली गई। वहां काम करने के दौरान एक नेपाली युवक से संपर्क होने पर प्रेम विवाह कर लिया और गर्भ ठहर गया। लेकिन वह नेपाली युवक भी गर्भवती होने की जानकारी होने पर उसकी हलातों में छोड़कर अपने देश कुछ काम से जा रहा हूँ, कहकर चला गया ।महिला दयनीय हालात में अपने परिवार के परिचित रिश्तेदार जो खुद हैदराबाद में प्रवासी मजदूर हैं, के साथ चली गई और उनके आश्रय में रही।इधर महिला की माँ को तकलीफ हुई तो अपनी पुत्री को हैदराबाद से सक्ति अपने गांव बुलवा लिया। वहाँ मुश्किल से 10-15 दिन रही लेकिन जचकी हुई तो महिला के पिता और रिश्ते वालों ने यह किसका बच्चा हैं इसे नहीं जानते , हमारी बदनामी होगी,कहकर झगड़ने लगे। महिला ने नेपाली से शादी करने के बारे में बात की तो उसकी नहीं सुनी गई और बच्चा होने के 2-3 दिन के बाद ही उन्हें घर से निकाल दिया गया और कहा गया कि तुम जाओ कहीं मर– खप जाओ लेकिन यहाँ मत आना।ऐसी स्थिति में वह महिला किसी तरह बिलासपुर रेल्वे स्टेशन आ गई और दो दिन रुकी और तब लखन सुबोध को जानकारी मिलते ही इन्होंने मदद की।
दिनाँक 15-5-2026 को सुबोध एवं LSU/GSS ऑफिस सचिव अजय अनंत सखी सेंटर में जाकर महिला व शिशु के स्वास्थ की जानकारी ली। उन्हें आश्वस्त किया गया कि वे सहयोग करेंगे।संघ के अनुसार जिस नेपाली से शादी की बात कह रही है,वह एक फ्रॉड व्यक्ति हो सकता है, जो शादी के नाम पर सिर्फ शारीरिक शोषण करने की मंशा थी।महिला को समझाइश दी गई कि उनके साथ जिन–जिन लोगों ने जुल्म ज्यादती की है उन सबके खिलाफ FIR लिखवाने की सलाह दी पूरे मामलों पर मदद करने का आश्वासन दिया।अभी महिला की मानसिक हालात सामान्य नहीं है, वह अकेलापन – निराश्रय कि शिकार है लेकिन संघ की बातों पर फर्क पड़ा और पीड़िता ने मानसिक , शारीरिक शोषण करने वालों के खिलाफ शिकायत करने की बात कही। इस आशय की जानकारी PMSSM/LSU जांजगीर चांपा के प्रवक्ता भरतलाल टंडन ने दी।

संपादक सिद्धार्थ न्यूज़
