सचिव ने ग्राम पंचायत का फंड निजी कार्य पर किया खर्च, जनपद पंचायत बिलाईगढ़ ने जांच उपरांत वसूली के दिए निर्देश।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ /सरसीवां 14 जुलाई 2026 । ग्राम पंचायत मुड़पार में आए दिन आर्थिक अनियमितताएं उजागर हो रही है अक्सर बिना कार्य के ही राशि आहरण करने की शिकायत मिली। ग्राम पंचायत को शासन से ग्राम विकास के लिए विभिन्न मद से राशि आती लेकिन ग्राम सचिव द्वारा बिना कार्य के ही राशि आहरण करने की लगातार शिकायतें मिलती रही। आपको बता दें कि जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के अधिकांश ग्राम पंचायतों में सरपंच सचिव की मिलीभगत से बिना कार्य के राशि आहरण करने की लगातार शिकायतें मिल रही है यदि हरेक ग्राम पंचायत में जांच की जाती है तो बड़े पैमाने पर करोड़ों के घोटाले उजागर हो सकते हैं।एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार ग्राम विकास के लिए बड़ी मात्रा में कार्य के लिए राशि स्वीकृति देती है लेकिन इनके नौकरशाह बिना कार्य के फर्जी बिल बाउचर से राशि गबन कर बंदरबांट करते हैं।पंचायत सचिव के वेतन 20 हजार लेकिन इनके बहुमंजिला महंगे मकान, आय से अधिक संपत्तियाँ,ठाठबाट जीवनशैली बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है यदि इस पर जांच की जाती है तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। ग्राम विकास के लिए आया पैसा कमीशनखोरी में जा रहा है। जानकर सूत्र बताते हैं कि यदि पंचायत प्रतिनिधि द्वारा काम किया जाता है तो भी इनके लिए अच्छा खासा पैसा बच जाता हालांकि शुरू में ही नेताओं का 20% कमीशन देना पड़ता है।बाद में जनपद स्तर पर 15 से 20%,फिर सरपंच सचिव का बड़ा कमीशन ग्राम विकास में बाधा उत्पन्न हो रहा है।जानकारी के मुताबिक सरपंच भी पंचायत चुनाव में 20 से 40 लाख रुपए खर्च करके प्रतिनिधि चुने जाते हैं वे चाहते हैं कि जो चुनाव में खर्च किये राशि पहले निकल जाए फिर विकास कार्य करेंगे।
इसी तारतम्य में मुड़पार ग्राम के ग्रामीणों को जानकारी मिली कि स्वागत गेट और नाली निर्माण के नाम पर 2 लाख 40 हजार रु ग्राम पंचायत मुड़पार के लिए स्वीकृति मिली थी और बिना कार्य के ही राशि आहरण कर लिया गया था। इस बात को लेकर पूर्व व वर्तमान सरपंच सचिव के बीच विवाद उत्पन्न हो गया था ग्रामीणों ने जनपद पंचायत बिलाईगढ़ में इस पूरे मामले को निष्पक्ष जांच करने की शिकायत की थी।
ग्राम पंचायत मुड़पार की बात करें तो पूरे मामले की जांच करने जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक प्रधान ने टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिए थे तदोपरांत जनपद के 3 अधिकारी गांव जाकर पंचायत खाते की जांच व स्थल निरीक्षण किए गए जहां जांच में मामले का खुलासा हुआ।जांच अधिकारियों ने पाया कि वर्तमान सचिव छतराम साहू ने यह कारनामा किया है और बिना कार्य के ही बिल बाउचर लगाकर पंचायत के 2 लाख 40 हजार रुपए को अपने दूसरे ग्राम पंचायत मोहतरा स में ट्रांसफर करा कर गबन कर लिया गया था। उक्त राशि की वसूली के लिए जनपद पंचायत बिलाईगढ़ ने पंचायत सचिव छतराम साहू को तत्काल राशि वापस करने निर्देश जारी किया है।
जांच टीम ने पाया कि ग्राम पंचायत मोहतरा स के सचिव छतराम साहू ने जानबूझकर जनपद पंचायत बिलाईगढ़ और ग्राम पंचायत मुड़पार के पंचायत प्रतिनिधियों को अंधेरा में रखकर बिना सूचना के बालाजी ट्रेडर्स सरसीवा का बिल बाउचर को बदल कर ओम नितिश प्रोविजन फर्म गोपालपूर वेंडर को राशि भुगतान कराया गया। इधर ओम नितिश प्रोविजन गोपालपुर ने जांच टीम को अपने लिखित बयान में कहा कि ओम नितिश प्रोविजन गोपालपुर के नाम से फर्म संचालित है, जिसमें मेरे फर्म में ग्राम पंचायत मोहतरा स के द्वारा 1 लाख 60 हजार रु एवं 80 हजारा रु कुल 2 लाख 40 रु का भुगतान मेरे खाते में किया गया था, उक्त राशि को मोहतरा स के सचिव छतराम साहू के द्वारा सामाग्री ले जाया गया है। जांच टीम ने अपने अभिमत में कहा कि ग्राम पंचायत मोहतरा स के सचिव छतराम साहू द्वारा ग्राम पंचायत मुडपार स के पूर्व सरपंच सचिव से प्राप्त प्रस्ताव व बिल बाउचर में भुगतान नहीं किया गया। छतराम साहू के द्वारा निर्माण समाग्री ले जाया गया तथा कार्य स्थल पर समाग्री उपलब्ध नहीं पाया गया, जो कि छतराम साहू के द्वारा उक्त निर्माण समाग्री को गबन कर निजी उपयोग करना प्रतीत होता है।इधर ग्राम पंचायत मुड़पार के सरपंच श्रीमती फूलबाई साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत मोहतरा स के सरपंच ने उक्त राशि को वापस करने की बात हुई है जैसे ही राशि खाते में आएगी कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। वहीं पंचायत सचिव छतराम साहू से मोबाइल में फोन किया गया तो घंटी गई लेकिन मोबाइल रिसीव नहीं किया।

संपादक सिद्धार्थ न्यूज़

