September 15, 2026

बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष कु. मायावती ने मंगलवार को देश के छात्रों, युवाओं/जेन-जी (Gen-Z) के समर्थन में मीडिया को किया सम्बोधित ।

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लखनऊ, 11 अगस्त 2026 / मंगलवार को कु. मायावती ने देश के छात्रों, युवाओं/जेन-जी (Gen-Z) के समर्थन में मीडिया को सम्बोधित किया : मीडिया बंधुओं, जैसा कि यह सर्वविदित है कि पिछले कुछ समय से संसद में सत्ता व विपक्ष अर्थात् बीजेपी और कांग्रेस पार्टी एण्ड कम्पनी के लोग किसी ना किसी मुद्दे की आड़ में देश व जनहित के ज्वलन्त मुद्दों पर से जनता का ध्यान बाँटने व भटकाने के लिए संसद को चलने नहीं दे रहे हैं। यह या तो इनकी केन्द्र व राज्यों की सरकारों की कमियों पर से जनता का ध्यान हटाने के लिए अन्दरुणी मिलीभगत है, या फिर इसकी आड़ में इनकी सत्ता हथियाने की भी साजिश लगती है और यह सब देश की जनता को सीधे-सीधे तौर पर काफी कुछ नज़र आ रहा है और अब तो देश के छात्र व नौजवान यानि कि जेन-जी (GEN-Z) आदि भी अपनी अनेकों समस्याओं को लेकर बहुत ज़्यादा दुःखी व चिन्तित भी हैं, जिनको दूर कराने के लिए बी.एस.पी. भी अपनी कार्यशैली के तहत् चलकर हमेशा इनके साथ खड़ी रही है और अभी भी खड़ी है, क्योंकि इनका यह आन्दोलन देश के समस्त छात्रों व नौजवान पीढ़ी एवं उनके परिवार वालों की गंभीर समस्याओं से जुड़ा हुआ है, जिसके निदान को लेकर बी.एस.पी. लगातार गम्भीर व अपने तरीके से संघर्षरत भी है। लेकिन देश को ऐसा नहीं लगना चाहिये कि छात्र व जेनजी अपनी समस्याओं को दूर करवाने की बजाय आएदिन ये लोग उनकी राजनीति में ही बुरी तरह से फंसते जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर अभी कुछ दिन पहले कॉकरोच जनता पार्टी का छात्रों, नौजवानों, जेन-जी आदि की समस्याओं को लेकर आन्दोलन छिड़ा, तो फिर वहाँ इनके इस आन्दोलन को कांग्रेस व इनके सहयोगी दलों ने हाईजेक कर लिया जो किसी से छिपा नहीं है अर्थात् इन्होंने अपने हाथों में ले लिया है और अब उसकी आड़ में अभी तक संसद भी चल नहीं पा रही है।

                          और यह कॉकरोच जनता पार्टी अर्थात् सीजेपी का आन्दोलन दिल्ली में ख़त्म होते ही फिर झारखण्ड राज्य में अब राजधानी राँची में भी पिछले काफी दिनों से वहाँ छात्रों व नौजवानों आदि का भी अपनी समस्याओं को लेकर आन्दोलन चल रहा है, जिस पर कांग्रेस पार्टी व इनके समर्थक दल अभी तक भी खुलकर नहीं बोल पा रहे हैं, और अब वहाँ पर बीजेपी व उनके समर्थक दल, उनकी मदद के लिए आगे आकर आवाज़ उठा रहे हैं अर्थात् ऐसा लगता है कि अब इन्होंने भी इनके आन्दोलन को हाईजेक कर लिया है। इस प्रकार से यह सब दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर छात्रों व नौजवानों आदि के हुये आन्दोलन और अब झारखण्ड के राँची में भी हो रहे छात्रों व नौजवानों आदि के आन्दोलन की आड़ में भी हमें राजनीति ज़्यादा देखने के लिए मिल रही है अर्थात् इनकी समस्याओं को हल कराने के लिये गंभीरता नहीं है बल्कि चुनावी स्वार्थ की संकीर्ण राजनीति ही ज्यादा हावी है। ऐसे में पूरे देश के छात्रों व नौजवानों अर्थात् जेन-जी से यही अपील है कि वे अपनी समस्याओं को दूर करने के लिए सत्ता व विपक्ष के इस समय चल रहे षड्यंत्र से बिल्कुल दूर रहें और ये लोग अपनी समस्याओं से निपटने के लिए इनका सावधानी पूर्वक इस्तेमाल करें, ना कि इसकी आड़ में सत्ता व विपक्ष अपने स्वार्थ की संकीर्ण राजनीति करके इनका नाजायज फायदा उठा ले जबकि यह जग जाहिर है कि यू.पी. में बी.एस.पी. की चार बार रही सरकारों में हमने छात्रों व नौजवानों को किसी भी मामले में निराश नहीं होने दिया है अर्थात् हमने छात्रों व युवाओं की सभी छोटी-बड़ी समस्याओं का ख़ासकर उनके रोटी रोजी (रोज़गार) का विशेष ध्यान रखा है।आन्दोलन और अब झारखण्ड के राँची में भी हो रहे छात्रों व नौजवानों आदि के आन्दोलन की आड़ में भी हमें राजनीति ज्यादा देखने के लिए मिल रही है अर्थात् इनकी समस्याओं को हल कराने के लिये गंभीरता नहीं है बल्कि चुनावी स्वार्थ की संकीर्ण राजनीति ही ज्यादा हावी है।

                        ऐसे में पूरे देश के छात्रों व नौजवानों अर्थात् जेन-जी से यही अपील है कि वे अपनी समस्याओं को दूर करने के लिए सत्ता व विपक्ष के इस समय चल रहे षड्यंत्र से बिल्कुल दूर रहें और ये लोग अपनी समस्याओं से निपटने के लिए इनका सावधानी पूर्वक इस्तेमाल करें, ना कि इसकी आड़ में सत्ता व विपक्ष अपने स्वार्थ की संकीर्ण राजनीति करके इनका नाजायज फायदा उठा ले। जबकि यह जग जाहिर है कि यू.पी. में बी.एस.पी. की चार बार रही सरकारों में हमने छात्रों व नौजवानों को किसी भी मामले में निराश नहीं होने दिया है अर्थात् हमने छात्रों व युवाओं की सभी छोटी-बड़ी समस्याओं का खासकर उनके रोटी रोजी (रोज़गार) का विशेष ध्यान रखा है।

और इस क्रम में सरकारी व प्राइवेट सेक्टर में भी रोजगार के नये-नये अवसर प्रदान किये हैं। अर्थात् हमने छात्रों की समस्याओं का समय से निदान किया है और नौजवानों को, पूर्व की रही सरकारों में जो सरकारी भर्तियों में लम्बे अरसे से रोक लगा दी गई थी जिससे सभी विभागों के कार्य भी काफी प्रभावित हो रहे थे, उसे भी ध्यान में रखकर व उसे हटाकर हमने यहाँ प्रदेश में लाखों-लाखों लोगों को रोटी रोजी के साधन दिये हैं। इतना ही नहीं बल्कि हमने पुलिस विभाग में व अन्य और विभागों में भी नये सरकारी पद सृजित करके यहाँ लाखों लोगों को रोज़गार दिये। इस समय नौजवान एवं छात्र व छात्रायें भी अपनी पढ़ाई व ट्रेनिंग आदि पूरी करने के बाद यही सब चाहते हैं, जिसे इस समय पूरे देश में केन्द्र व राज्यों की विभिन्न पार्टियों की चल रही सरकारें यह सब उन्हें उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं जिसकी वजह से इनमें ज़बरदस्त रोष व्याप्त है।

                      इसके साथ-साथ अब तो इन्होंने हर स्तर पर पब्लिक सेक्टर को भी काफी कमजोर करके, प्राइवेट सेक्टर को ही बढ़ावा दे दिया है, और यह क्रम पूरे देश में अभी भी काफी तेजी से जारी है जिससे देश के बड़े-बड़े पूँजीपति व धन्नासेठ आएदिन और मज़बूत होते जा रहे हैं और सर्वसमाज मे से गरीब एवं बेरोजगार लोग आएदिन और भी अधिक पिछड़ते जा रहे हैं। खासकर सरकारी नौकरियों में तो अब दलित, आदिवासी व अन्य पिछड़े वर्गों का आरक्षण ना के बराबर ही रह गया है जिसे भी RSS के लोग अब निष्प्रभावी बनाने में लगे हैं।हालाँकि हमारी पार्टी प्राइवेट सेक्टर के भी विरुद्ध नहीं है, लेकिन वहाँ इन वर्गों को सरकारी स्तर पर, सरकारी नौकरियों में मिल रहे आरक्षण की तरह इन्हें भी यह आरक्षण मिलना चाहिये, जिसकी व्यवस्था यहाँ नहीं है जबकि बी.एस.पी. की सरकार ने सरकारी सहयोग से स्थापित उद्योगों में भी आरक्षण देने की व्यवस्था लागू की थी।इस प्रकार से इन वर्गों को सत्ता व विपक्ष की अन्दरूनी मिलीभगत से यहाँ फिर से गुलाम व लाचार बनाने की साजिश चल रही है, जिससे बचने के लिए अभी से ही इन वर्गों को उ.प्र. सहित पूरे देश में सतर्क व सावधान हो जाना चाहिये और देश में अपनी एकमात्र हितैषी अम्बेडकरवादी पार्टी BSP से जुड़कर इसे सत्ता में जरूर लाना है।

                        जबकि हमने यहाँ यू.पी. में बी.एस.पी. के सत्ता में आने के बाद सर्वसमाज के किसी भी वर्ग के साथ कोई भी भेदभाव व पक्षपात आदि नहीं किया है बल्कि सभी वर्गों का हर मामले में व विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सभी वर्गों के लोगों का भी हर स्तर पर यानी कि राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक तौर पर पूरा-पूरा ध्यान रखा है अर्थात् हमने बीजेपी व कांग्रेस पार्टी एण्ड कम्पनी के लोगों की तरह उनकी जातिवादी, संकीर्ण व पूँजीवादी मानसिकता के तहत् चलकर सरकार नहीं चलाई है बल्कि बी.एस.पी. की ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों व सिद्धान्तों के आधार पर ही सरकार चलाई है।और यह सब यू.पी. की जनता ने चार बार यहाँ बी.एस.पी. की रही सरकार में देखा है और अब कुछ ही समय के बाद यू.पी., उत्तराखण्ड व पंजाब प्रदेश आदि में एक साथ यहाँ विधानसभा के आमचुनाव होने वाले है जिसमें ऐसे वातावरण में सर्वसमाज से बी.एस.पी. को ही कामयाब बनाने की अपील की जाती है। यही देश व जनहित में समय की माँग है, जिससे सर्वसमाज के लोग अर्थात् छात्र, नौजवान, दलित, आदिवासी, पिछड़े, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोग तथा गरीब, मजदूर, बेरोजगार, कर्मचारी, व्यापारी, व अन्य मेहनतकश लोग भी अपनी खुशहाल जिन्दगी बसर कर सकते हैं। अतः हर मामले में अब बी.एस.पी. को ही मजबूत बनाना बहुत जरूरी है। इस उम्मीद के साथ ही अब मैं अपनी बात यही समाप्त करती हूँ। धन्यवाद, जयभीम व जय भारत।।

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